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समस्तीपुर विभूतिपुर प्रखंड कार्यालय में भारी हंगामा, तोड़फोड़ और फाइलें फाड़ने की घटना से अफरा-तफरी

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समस्तीपुर के विभूतिपुर प्रखंड कार्यालय में योजना भुगतान विवाद को लेकर हंगामा, तोड़फोड़ और फाइलें फाड़ने की घटना हुई। बीडीओ से बदसलूकी के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया।

समस्तीपुर/आलम की खबर:समस्तीपुर जिले के विभूतिपुर प्रखंड मुख्यालय में सोमवार को उस समय माहौल पूरी तरह तनावपूर्ण हो गया जब योजना भुगतान को लेकर उठे विवाद ने उग्र रूप ले लिया और प्रखंड कार्यालय रणक्षेत्र में बदल गया। पंचायत समिति सदस्य और बीडीओ के बीच शुरू हुई तीखी बहस ने देखते ही देखते बड़ा रूप ले लिया, जिसके बाद समर्थकों द्वारा कार्यालय परिसर में जमकर हंगामा और तोड़फोड़ की गई।

जानकारी के अनुसार यह पूरा विवाद योजना भुगतान से जुड़ा हुआ था। आरोप है कि पंचायत समिति सदस्य प्रदीप कुमार और उनके समर्थक किसी योजना के भुगतान को लेकर दबाव बना रहे थे। इसी दौरान बीडीओ सुनील कुमार के साथ उनकी तीखी बहस हो गई, जो आगे चलकर गाली-गलौज और तनावपूर्ण स्थिति में बदल गई।

घटना के दौरान स्थिति इतनी बिगड़ गई कि समर्थकों ने प्रखंड कार्यालय के अंदर घुसकर कुर्सियों, टेबलों और फर्नीचर को नुकसान पहुंचाया। कई महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों और फाइलों को फाड़कर बिखेर दिया गया, जिससे कार्यालय में अफरा-तफरी मच गई। कर्मचारी अपनी जान बचाकर इधर-उधर भागते नजर आए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूरे परिसर में काफी देर तक तनावपूर्ण माहौल बना रहा और स्थिति को नियंत्रित करने में प्रशासन को कठिनाई का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन शुरुआती समय में स्थिति पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं हो सका। बाद में स्थानीय लोगों और अधिकारियों की मदद से भीड़ को शांत कराया गया।

इस घटना को लेकर प्रखंड कार्यालय के कर्मचारियों में भारी आक्रोश है। कर्मचारियों का कहना है कि सरकारी कार्यालय में इस तरह की हिंसक घटना बेहद गंभीर है और इससे कार्य प्रभावित हुआ है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।

प्रखंड प्रमुख प्रतिनिधि दिलीप नारायण सिंह ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि सरकारी कार्यालय में इस तरह की अराजकता किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

वहीं दूसरी ओर पंचायत समिति सदस्य प्रदीप कुमार ने बीडीओ पर पक्षपात का आरोप लगाया है और कहा कि पूरा विवाद राजनीतिक दबाव और योजनाओं के भुगतान से जुड़ा हुआ है। उन्होंने इसे एकतरफा कार्रवाई और गलत व्यवहार का परिणाम बताया है।

घटना के दौरान एक स्थानीय यूट्यूबर पर भी भीड़ को भड़काने का आरोप सामने आया है, जिसकी जांच की जा रही है। इस पहलू ने मामले को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।

पुलिस प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष सुनील कुमार झा ने बताया कि अभी लिखित आवेदन का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

भाजपा नेता अरविंद कुमार कुशवाहा और माकपा के अंचल मंत्री सह पंसस मिथिलेश सिंह ने भी इस घटना की निंदा की है और इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ बताया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पंचायत स्तर पर योजनाओं के भुगतान और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता की कमी कई बार ऐसे विवादों को जन्म देती है। यदि समय पर संवाद और समाधान न हो तो छोटे विवाद भी बड़े संघर्ष का रूप ले लेते हैं।

फिलहाल प्रखंड कार्यालय में स्थिति सामान्य करने के प्रयास जारी हैं और प्रशासन पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहा है। यह घटना न केवल स्थानीय प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाती है, बल्कि सरकारी कार्यस्थलों की सुरक्षा और अनुशासन पर भी गंभीर चिंता पैदा करती है।

कुल मिलाकर विभूतिपुर प्रखंड कार्यालय की यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था और राजनीतिक टकराव के बीच उत्पन्न तनाव का बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है।

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